वर्तमानप्रतिलेखे खण्डिका 41, 42, 43, 44, 45, 46, 47, 48, 49, 50 नोपलभ्यते।द्वितीयकाण्डम्Previous2.31–40Next2.51–60← Previousजैमिनीयं ब्राह्मणम् · 42 / 121Next →