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अध्याय 14 — मन्त्र सूची

अध्याय 14 {#chapter-14}

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अध्याय मन्त्र प्रथम पद
14 1 मयि गृह्णाम्यग्रे
14 2 अपा पृष्ठमसि
14 3 ब्रह्म जज्ञान
14 4 हिरण्यगर्भ समवर्तताग्रे
14 5 द्रप्सश्चस्कन्द पृथिवीमनु
14 6 नमोऽस्तु सर्पेभ्यो
14 7 या इषवो
14 8 ये वामी
14 9 कृणुष्व पाज
14 10 तव भ्रमास
14 11 प्रति स्पशो
14 12 उदग्ने तिष्ठ
14 13 ऊर्ध्वो भव
14 14 अग्नेष्ट्वा तेजसा
14 15 भुवो यज्ञस्य
14 16 ध्रुवासि धरुणास्तृता
14 17 प्रजापतिष्ट्वा सादयत्वपा
14 18 भूरसि भूमिरस्यदितिरसि
14 19 विश्वस्मै प्राणायापानाय
14 20 काण्डात्काण्डात्प्ररोहन्ती परुष
14 21 या शतेन
14 22 यास्ते अग्ने
14 23 या वो
14 24 विराड्ज्योतिरधारयत्स्वराड्ज्योतिरधारयत्
14 25 विश्वस्मै प्राणायापानाय
14 26 मधुश्च माधवश्च
14 27 अषाळहासि सहमाना
14 28 सहस्वेमा अभिमाती
14 29 मधु वाता
14 30 मधु नक्तमुतोषसो
14 31 मधुमान्नो वनस्पतिर्मधुमा३
14 32 अपा गम्भन्त्सीद
14 33 त्रीन्त्समुद्रान्त्समसृपत् स्वर्गानपा
14 34 मही द्यौ
14 35 विष्णो कर्माणि
14 36 ध्रुवासि धरुणेतो
14 37 इषे राये
14 38 अग्ने युक्ष्वा
14 39 युक्ष्वा हि
14 40 सम्यक् स्रवन्ति
14 41 ऋचे त्वा
14 42 अग्निर्ज्योतिषा ज्योतिष्मान्
14 43 आदित्य गर्भ
14 44 वातस्य जूति
14 45 अजस्रमिन्दुमरुष भुरण्युमग्निमीळे
14 46 वरूत्री त्वष्टुर्वरुणस्य
14 47 यो अग्निरग्नेरध्यजायत
14 48 चित्र देवानामुदगादनीक
14 49 इम मा
14 50 इम मा
14 51 इम साहस्र
14 52 इममूर्णायु वरुणस्य
14 53 अजो ह्यग्नेरजनिष्ट
14 54 त्व यविष्ठ
14 55 अपा त्वेमन्त्सादयाम्यपा
14 56 अय पुरो
14 57 गायत्र्यै गायत्र
14 58 अय दक्षिणा
14 59 त्रिष्टुभ स्वार
14 60 अय पश्चाद्विश्वव्यचास्तस्य
14 61 जगत्या ऋक्सममृक्समाच्छुक्र
14 62 इदमुत्तरात् स्वस्तस्य
14 63 अनुष्टुभ ऐळमैळान्मन्थी
14 64 इयमुपरि मतिस्तस्यै
14 65 पङ्क्त्यै निधनवन्निधनवत