Skip to content

Adhyāya 14 — Mantra Index

AdhyāyaMantraFirst Words
141मयि गृह्णाम्यग्रे
142अपा पृष्ठमसि
143ब्रह्म जज्ञान
144हिरण्यगर्भ समवर्तताग्रे
145द्रप्सश्चस्कन्द पृथिवीमनु
146नमोऽस्तु सर्पेभ्यो
147या इषवो
148ये वामी
149कृणुष्व पाज
1410तव भ्रमास
1411प्रति स्पशो
1412उदग्ने तिष्ठ
1413ऊर्ध्वो भव
1414अग्नेष्ट्वा तेजसा
1415भुवो यज्ञस्य
1416ध्रुवासि धरुणास्तृता
1417प्रजापतिष्ट्वा सादयत्वपा
1418भूरसि भूमिरस्यदितिरसि
1419विश्वस्मै प्राणायापानाय
1420काण्डात्काण्डात्प्ररोहन्ती परुष
1421या शतेन
1422यास्ते अग्ने
1423या वो
1424विराड्ज्योतिरधारयत्स्वराड्ज्योतिरधारयत्
1425विश्वस्मै प्राणायापानाय
1426मधुश्च माधवश्च
1427अषाळहासि सहमाना
1428सहस्वेमा अभिमाती
1429मधु वाता
1430मधु नक्तमुतोषसो
1431मधुमान्नो वनस्पतिर्मधुमा३
1432अपा गम्भन्त्सीद
1433त्रीन्त्समुद्रान्त्समसृपत् स्वर्गानपा
1434मही द्यौ
1435विष्णो कर्माणि
1436ध्रुवासि धरुणेतो
1437इषे राये
1438अग्ने युक्ष्वा
1439युक्ष्वा हि
1440सम्यक् स्रवन्ति
1441ऋचे त्वा
1442अग्निर्ज्योतिषा ज्योतिष्मान्
1443आदित्य गर्भ
1444वातस्य जूति
1445अजस्रमिन्दुमरुष भुरण्युमग्निमीळे
1446वरूत्री त्वष्टुर्वरुणस्य
1447यो अग्निरग्नेरध्यजायत
1448चित्र देवानामुदगादनीक
1449इम मा
1450इम मा
1451इम साहस्र
1452इममूर्णायु वरुणस्य
1453अजो ह्यग्नेरजनिष्ट
1454त्व यविष्ठ
1455अपा त्वेमन्त्सादयाम्यपा
1456अय पुरो
1457गायत्र्यै गायत्र
1458अय दक्षिणा
1459त्रिष्टुभ स्वार
1460अय पश्चाद्विश्वव्यचास्तस्य
1461जगत्या ऋक्सममृक्समाच्छुक्र
1462इदमुत्तरात् स्वस्तस्य
1463अनुष्टुभ ऐळमैळान्मन्थी
1464इयमुपरि मतिस्तस्यै
1465पङ्क्त्यै निधनवन्निधनवत