Skip to content

Adhyāya 17 — Mantra Index

AdhyāyaMantraFirst Words
171नमस्ते रुद्र
172या ते
173यामिषु गिरिशन्त
174शिवेन वचसा
175अध्यवोचदधिवक्ता प्रथमो
176असौ यस्ताम्रो
177असौ योऽवसर्पति
178नमोऽस्तु नीलग्रीवाय
179प्रमुञ्च धन्वनस्त्वमुभयोरार्त्न्योर्ज्याम्
1710विज्य धनु
1711परि ते
1712या ते
1713अवतत्य धनुष्ट्व
1714नमस्त आयुधायानातताय
1715मा नो
1716मा नस्तोके
1717नमो हिरण्यबाहवे
1718नमो बभ्रुशायाव्याधिनेऽन्नाना
1719नमो रोहिताय
1720नम कृत्स्नायतया
1721नमो वञ्चते
1722नम उष्णीषिणे
1723नमो विसृजद्भ्यो
1724नम सभाभ्य
1725नमो गणेभ्यो
1726नम सेनाभ्य
1727नमस्तक्षभ्यो रथकारेभ्यश्च
1728नम श्वभ्य
1729नम कपर्दिने
1730नमो ह्रस्वाय
1731नम आशवे
1732नमो ज्येष्ठाय
1733नम सोभ्याय
1734नमो वन्याय
1735नमो बिल्मिने
1736नमो धृष्णवे
1737नम स्रुत्याय
1738नम कूप्याय
1739नमो वात्याय
1740नम शङ्गवे
1741नमो वृक्षेभ्यो
1742नम पार्याय
1743नम सिकत्याय
1744नमो व्रज्याय
1745नम शुष्क्याय
1746नम पर्णाय
1747द्रापे अन्धसस्पते
1748इमा रुद्राय
1749या ते
1750परि णो
1751मीळहुष्टम शिवतम
1752विकिरिद्र विलोहित
1753सहस्राणि सहस्रशो
1754असख्याता सहस्राणि
1755अस्मिन् महत्यर्णवेऽन्तरिक्षे
1756नीलग्रीवा शितिकण्ठा
1757नीलग्रीवा शितिकण्ठा
1758ये वृक्षेषु
1759ये भूतानामधिपतयो
1760ये पथा
1761ये तीर्थानि
1762येऽन्नेषु विविध्यन्ति
1763य एतावन्तश्च
1764नमोऽस्तु रुद्रेभ्यो