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Adhyāya 17 — Mantra sūcī

Adhyāya Mantra First Words
17 1 ता न
17 2 इमा मे
17 3 ऋतव स्थ
17 4 समुद्रस्य त्वाऽवकयाग्ने
17 5 हिमस्य त्वा
17 6 उप ज्मन्नुप
17 7 अपामिद न्ययन
17 8 अग्ने पावक
17 9 स न
17 10 पावकया यश्चितयन्त्या
17 11 नमस्ते हरसे
17 12 नृषदे वेडप्सुषदे
17 13 ये देवा
17 14 ये देवा
17 15 प्राणदा अपानदा
17 16 अग्निस्तिग्मेन शोचिषा
17 17 य इमा
17 18 किस्विदासीदधिष्ठानमारम्भण कतमत्स्वित्कथाऽऽसीत्
17 19 विश्वतश्चक्षुरुत विश्वतोमुखो
17 20 किस्विद्वन क
17 21 या ते
17 22 विश्वकर्मन् हविषा
17 23 वाचस्पति विश्वकर्माणमूतये
17 24 विश्वकर्मन् हविषा
17 25 चक्षुष पिता
17 26 विश्वकर्मा विमना
17 27 यो न
17 28 त आऽयजन्त
17 29 परो दिवा
17 30 तमिद्गर्भ प्रथम
17 31 न त
17 32 विश्वकर्मा ह्यजनिष्ट
17 33 आशु शिशानो
17 34 सक्रन्दनेनानिमिषेण जिष्णुना
17 35 स इषुहस्तै
17 36 बृहस्पते परि
17 37 बलविज्ञाय स्थविर
17 38 गोत्रभिद गोविद
17 39 अभि गोत्राणि
17 40 इन्द्र आसा
17 41 इन्द्रस्य वृष्णो
17 42 उद्धर्षय मघवन्नायुधान्युत्सत्वना
17 43 अस्माकमिन्द्र समृतेषु
17 44 अमीषा चित्त
17 45 अवसृष्टा परा
17 46 प्रेता जयता
17 47 असौ या
17 48 यत्र बाणा
17 49 मर्माणि ते
17 50 उदेनमुत्तरा नयाग्ने
17 51 इन्द्रेम प्रतरा
17 52 यस्य कुर्मो
17 53 उदु त्वा
17 54 पञ्च दिशो
17 55 समिद्धे अग्नावधि
17 56 दैव्याय धर्त्रे
17 57 वीत हवि
17 58 सूर्यरश्मिर्हरिकेश पुरस्तात्सविता
17 59 विमान एष
17 60 उक्षा समुद्रो
17 61 इन्द्र विश्वा
17 62 देवहूर्यज्ञ आ
17 63 वाजस्य मा
17 64 उद्ग्राभ च
17 65 क्रमध्वमग्निना नाकमुख्य
17 66 प्राचीमनु प्रदिश
17 67 पृथिव्या अहमुदन्तरिक्षमाऽरुहमन्तरिक्षाद्दिवमारुहम्
17 68 स्वर्यन्तो नापेक्षन्त
17 69 अग्ने प्रेहि
17 70 नक्तोषासा समनसा
17 71 अग्ने सहस्राक्ष
17 72 सुपर्णोऽसि गरुत्मान्
17 73 आजुह्वान सुप्रतीक
17 74 ता सवितुर्वरेण्यस्य
17 75 विधेम ते
17 76 प्रेद्धो अग्ने
17 77 अग्ने तमद्याश्व
17 78 चित्ति जुहोमि
17 79 सप्त ते
17 80 शुक्रज्योतिश्च चित्रज्योतिश्च
17 81 ईदृङ् चान्यादृङ्
17 82 ऋतश्च सत्यश्च
17 83 ऋतजिच्च सत्यजिच्च
17 84 ईदृक्षास एतादृक्षास
17 85 स्वतवाश्च प्रघासी
17 86 इन्द्र दैवीर्विशो
17 87 इम स्तनमूर्जस्वन्त
17 88 घृत मिमिक्षे
17 89 समुद्रादूर्मिर्मधुमा२ उदारदुपाशुना
17 90 वय नाम
17 91 चत्वारि शृङ्गा
17 92 त्रिधा हित
17 93 एता अर्षन्ति
17 94 सम्यक् स्रवन्ति
17 95 सिन्धोरिव प्राध्वने
17 96 अभि प्रवन्त
17 97 कन्या इव
17 98 अभ्यर्षत सुष्टुति
17 99 धाम ते