मुख्यं गम्यताम्

उदाहरणानि

शीघ्र मार्गाः

पूर्ण पृष्ठसूची

कावेरी अष्टोत्तरशत नामावलिः

3

नद्यः · अष्टोत्तरशतम् (१०८) · १०८ नामानि

  1. १ॐ अनन्त-गुण-गम्भीरायै नमः
  2. २ॐ अर्कपुष्कर-सेवितायै नमः
  3. ३ॐ अमृतस्वादु-सलिलायै नमः
  4. ४ॐ अगस्त्यमुनि-नायिकायै नमः
  5. ५ॐ आशान्त-कीर्ति-तिलकायै नमः
  6. ६ॐ आशुगागम-वर्धिन्यै नमः
  7. ७ॐ इतिहास-पुराणोक्तायै नमः
  8. ८ॐ ईतिबाधा-निवारिण्यै नमः
  9. ९ॐ उन्मत्तजन-दूरस्थायै नमः
  10. १०ॐ ऊर्जितानन्द-दायिन्यै नमः
  11. ११ॐ ऋषिसङ्घ-सुसंवीतायै नमः
  12. १२ॐ ऋणत्रय-विमोचनायै नमः
  13. १३ॐ लुप्त-धर्म-जनोद्धारायै नमः
  14. १४ॐ लूनभाव-विवर्जितायै नमः
  15. १५ॐ एधिताखिल-लोकश्रियै नमः
  16. १६ॐ ऐहिकामुष्मिकप्रदायै नमः
  17. १७ॐ ओङ्कारनाद-निनदायै नमः
  18. १८ॐ ओषधीकृत-जीवनायै नमः
  19. १९ॐ औदार्यगुण-निर्दिष्टायै नमः
  20. २०ॐ औदासीन्य-निवारिण्यै नमः
  21. २१ॐ अन्तःकरण-संसेव्यायै नमः
  22. २२ॐ अच्छ-स्वच्छ-जलाश्रयायै नमः
  23. २३ॐ कपिलाख्य-नदी-स्निग्धायै नमः
  24. २४ॐ करुणा-पूर्ण-मानसायै नमः
  25. २५ॐ कावेरी-नाम-विख्यातायै नमः
  26. २६ॐ कामितार्थ-फल-प्रदायै नमः
  27. २७ॐ कुम्भघोण-क्षेत्र-नाथायै नमः
  28. २८ॐ कौतुकप्रथम-प्रभायै नमः
  29. २९ॐ खगराज-रथोत्साह-रङ्गस्थल-सुशोभितायै नमः
  30. ३०ॐ खगावली-समाक्रान्तकल्लोलावलिमण्डितायै नमः
  31. ३१ॐ गजारण्य-सुविस्तीर्ण-प्रवाह-जनमोहिन्यै नमः
  32. ३२ॐ गायत्र्याख्य-शिला-मध्यायै नमः
  33. ३३ॐ गरुडासन-भक्तिदायै नमः
  34. ३४ॐ घन-गम्भीर-निनाद-निर्जरप्राप्ति-निर्झरायै नमः
  35. ३५ॐ चन्द्रपुष्कर-मध्यस्थायै नमः
  36. ३६ॐ चतुरानन-पुत्रिकायै नमः
  37. ३७ॐ चोलदेश-जनोद्धार-ग्रीष्मकाल-प्रवाहिन्यै नमः
  38. ३८ॐ चुञ्चुक्षेत्र-समानीतायै नमः
  39. ३९ॐ छद्मदोष-निवारिण्यै नमः
  40. ४०ॐ जम्बूद्वीप-सरिच्छ्रेष्ठ-नदी-नद-गरीयस्यै नमः
  41. ४१ॐ झङ्कारनाद-संमृष्ट-षट्पदालि-समाकुलायै नमः
  42. ४२ॐ ज्ञानैक-साधन-परायै नमः
  43. ४३ॐ ज्ञप्तिमात्रार्ति-हारिण्यै नमः
  44. ४४ॐ टिट्टिभारावस-व्याज-दिविज-स्तुति-पात्रिण्यै नमः
  45. ४५ॐ ठङ्कारनाद-सम्भेद-झर्झरीकृत-पर्वतायै नमः
  46. ४६ॐ डाकिनी-शाकिनी-सङ्घनिवारण-सरित्तटायै नमः
  47. ४७ॐ ढक्का-निनादपारीण-पार्वतीश-समाश्रितायै नमः
  48. ४८ॐ णान्तवाच्य-द्विजाष्टाङ्ग-योगसाधन-तत्परायै नमः
  49. ४९ॐ तरङ्गावलि-संविद्ध-मृदु-वालुक-शोभितायै नमः
  50. ५०ॐ तपस्विजन-सत्कार-निवेशित-शिलासनायै नमः
  51. ५१ॐ तापत्रय-तरून्मूल-गङ्गादिभिरभिष्टुतायै नमः
  52. ५२ॐ थान्त-प्रमथ-संसेव्य-साम्ब-सान्निध्य-कारिण्यै नमः
  53. ५३ॐ दया-दाक्षिण्य-सत्कारशील-लोक-सुभावितायै नमः
  54. ५४ॐ दाक्षिणात्य-जनोद्धार-निर्विचार-दयान्वितायै नमः
  55. ५५ॐ धन-मान-मदान्धादि-मर्त्य-निर्वर्तन-प्रियायै नमः
  56. ५६ॐ नमज्जनोद्धार-शीलायै नमः
  57. ५७ॐ निमज्जज्जन-पावनायै नमः
  58. ५८ॐ नागारिकेतु-निलयायै नमः
  59. ५९ॐ नाना-तीर्थाधि-देवतायै नमः
  60. ६०ॐ नारीजन-मनोल्लासायै नमः
  61. ६१ॐ नानारूप-फल-प्रदायै नमः
  62. ६२ॐ नारायण-कृपा-रूपायै नमः
  63. ६३ॐ नादब्रह्म-स्वरूपिण्यै नमः
  64. ६४ॐ पराभूत-समस्ताघायै नमः
  65. ६५ॐ पशु-पक्ष्यादि-जीवनायै नमः
  66. ६६ॐ पापतूलाग्नि-सदृशायै नमः
  67. ६७ॐ पापिष्ठजन-पावनायै नमः
  68. ६८ॐ फणीन्द्र-कीर्तित-कलायै नमः
  69. ६९ॐ फलदान-परायणायै नमः
  70. ७०ॐ बहुजन्म-तपो-योग-फलसम्प्राप्त-दर्शनायै नमः
  71. ७१ॐ बाहुरूप-द्विपार्श्वस्थ-स्वमातृक-जलार्थिनां-(कमल)(क्लौम)क्षेत्र-शाल्यन्न-दान-निर्जित-वित्तपायै नमः
  72. ७२ॐ भगवत्कृत-सन्तोषायै नमः
  73. ७३ॐ भास्करक्षेत्र-गामिन्यै नमः
  74. ७४ॐ भागीरथी-समाक्रन्त-तुलामास-जलाश्रयायै नमः
  75. ७५ॐ मज्जद्दुर्जन-प्राग्जन्म-दुर्जयांहःप्रमार्जन्यै नमः
  76. ७६ॐ माघ-वैशाखादि-मास-स्नान-स्मरण-सौख्यदायै नमः
  77. ७७ॐ यज्ञ-दान-तपः-कर्मकोटि-पुण्य-फल-प्रदायै नमः
  78. ७८ॐ यक्ष-गन्धर्व-सिद्धाद्यैरभिष्टुत-पदद्वयायै नमः
  79. ७९ॐ रघुनाथ-पदद्वन्द्व-विराजित-शिलातलायै नमः
  80. ८०ॐ रामनाथपुरक्षेत्र-कामधेनु-समाश्रितायै नमः
  81. ८१ॐ लवोदक-स्पर्शमात्र-निर्वाण-पद-दायिन्यै नमः
  82. ८२ॐ लक्ष्मी-निवास-सदनायै नमः
  83. ८३ॐ ललना-रत्न-रूपिण्यै नमः
  84. ८४ॐ लघूकृत-स्वर्ग-भोगायै नमः
  85. ८५ॐ लावण्य-गुण-सागरायै नमः
  86. ८६ॐ वह्निपुष्कर-सान्निद्‍ध्यायै नमः
  87. ८७ॐ वन्दिताखिल-लोकपायै नमः
  88. ८८ॐ व्याघ्रपाद-क्षेत्र-परायै नमः
  89. ८९ॐ व्योमयान-समावृतायै नमः
  90. ९०ॐ षट्काल-वन्द्य-चरणायै नमः
  91. ९१ॐ षट्कर्म-निरत-प्रियायै नमः
  92. ९२ॐ षडास्य-मातृ-संसेव्यायै नमः
  93. ९३ॐ षडूर्मि-जित-सोर्मिकायै नमः
  94. ९४ॐ सकृत्स्मरण-संशुद्ध-तापत्रय-जनाश्रितायै नमः
  95. ९५ॐ सज्जनोद्धार-सन्धानसमर्थ-स्वप्रवाहिन्यै नमः
  96. ९६ॐ सरस्वत्यादि-देवीभिरभिवन्दित-निर्झरायै नमः
  97. ९७ॐ सह्यशैल-समुद्भूतायै नमः
  98. ९८ॐ सह्यासह्य-जन-प्रियायै नमः
  99. ९९ॐ सङ्गमक्षेत्र-सामीप्यायै नमः
  100. १००ॐ स्ववशार्थ-चतुष्टयायै नमः
  101. १०१ॐ सौभरिक्षेत्र-निलयायै नमः
  102. १०२ॐ सौभाग्य-फल-दायिन्यै नमः
  103. १०३ॐ संशयाविष्ट-दूरस्थायै नमः
  104. १०४ॐ साङ्गोपाङ्ग-फलोदयायै नमः
  105. १०५ॐ हरि-ब्रह्मेश-लोकेश-सिद्धवृन्दार-वन्दितायै नमः
  106. १०६ॐ क्षेत्र-तीर्थादि-सीमान्तायै नमः
  107. १०७ॐ क्षपानाथ-सुशीतलायै नमः
  108. १०८ॐ क्षमातलाखिलानन्द-क्षेम-श्री-विजयावहायै नमः

इति श्रीकावेर्यष्टोत्तरशतनामावलिः सम्पूर्णा