| अध्यायः | नाम | श्लोकाः |
|---|---|---|
| अध्याय 1 | त्रिशिरसस्तपोभङ्गाय देवराजेन्द्रद्वारा नानोपायचिन्तनवर्णनम् | 60 |
| अध्याय 2 | त्रिशिरवधानन्तरं वृत्रोत्पत्तिवर्णनम् | 53 |
| अध्याय 3 | ब्रह्मणः समाराधनाय त्वष्ट्रा वृत्रोपदेशवर्णनम् | 60 |
| अध्याय 4 | ब्रह्मनेतृत्वे सेन्द्रैः सुरैर्विष्णोः शरणगमनवर्णनम् | 62 |
| अध्याय 5 | देवीसमाराधनाय देवकृतस्तुतिवर्णनम् | 59 |
| अध्याय 6 | छद्मेनेन्द्रेण फेनद्वारा पराशक्तिस्मरणपूर्वकं वृत्रहननवर्णनम् | 68 |
| अध्याय 7 | इन्द्रस्य पद्मनालप्रवेशानन्तरं नहुषस्य देवेन्द्रपदेऽभिषेकवर्णनम् | 62 |
| अध्याय 8 | इन्द्राण्या शक्रदर्शनम् | 71 |
| अध्याय 9 | नहुषस्वर्गच्युतिवर्णनम् | 67 |
| अध्याय 10 | कर्मणां गहनगतिवर्णनम् | 41 |
| अध्याय 11 | युगधर्मव्यवस्थावर्णनम् | 65 |
| अध्याय 12 | हरिश्चन्द्रस्य जलोदरव्याधिपीडावर्णनम् | 74 |
| अध्याय 13 | आडीबकयुद्ध वर्णनसहितं देवीमाहात्म्यवर्णनम् | 54 |
| अध्याय 14 | वसिष्ठस्य मैत्रावरुणिरितिनामवर्णनम् | 69 |
| अध्याय 15 | देवीमहिम्नि नानाभाववर्णनम् | 62 |
| अध्याय 16 | हैहयैर्धनाहरणेन सह भृगूणां वधवर्णनम् | 55 |
| अध्याय 17 | हैहयानामुत्पत्तिप्रसङ्गे रमाविष्णुसंवादवर्णनम् | 69 |
| अध्याय 18 | शिवप्रसादेन लक्ष्मीद्वारा भगवत्याः समाराधनवर्णनम् | 62 |
| अध्याय 19 | पुत्रजन्मानन्तरं स्वस्वरूपेण वैकुण्ठगमनवर्णनम् | 55 |
| अध्याय 20 | एकवीराख्यानवर्णनम् | 54 |
| अध्याय 21 | राजपुत्र्याः एकावल्याः वर्णनम् | 61 |
| अध्याय 22 | हैहयैकवीराय यशोवत्यैकावलीमोचनाय देवीस्वप्नवर्णनम् | 65 |
| अध्याय 23 | एकवीरैकावल्योर्विवाहवर्णनम् | 66 |
| अध्याय 24 | अम्बिकायाः नियोगात्पुत्रोत्पादनाय गर्भधारणवर्णनम् | 61 |
| अध्याय 25 | व्यासस्वकीयमोहवर्णनम् | 63 |
| अध्याय 26 | दमयन्तीविवाहप्रस्ताववर्णनम् | 57 |
| अध्याय 27 | नारदस्य मायादमयन्त्या सह विवाहवर्णनम् | 56 |
| अध्याय 28 | नारदेन स्वस्त्रीत्वप्राप्तिवर्णनम् | 54 |
| अध्याय 29 | नारदस्य पुनः स्वरूपप्राप्तिवर्णनम् | 66 |
| अध्याय 30 | मायाप्राबल्यवर्णनम् | 53 |
| अध्याय 31 | भगवतीमाहात्म्यवर्णनम् | 60 |